युवराज की जय हो !

राहुल गाँधी वापस आए.

समूचा देश टकटकी लगाए  बैठा था ! राहुल गांधी वापस आ रहे  हैं ! मानो चक्रवर्ती राजा अश्वमेध यज्ञ करके लौट रहें हों  ! हम  स्वागातुर , हाथ में थाली  लिए , आरती , टीका करने के लिए  तत्पर थे ! युवराज की वापसी प्रजा के लिए कितने  उत्साह की  बात होती है , समझ मे अब आ रहा था ! बचपन मे पढ़ी \” अमर चित्र कथा  \” जीवंत होती नजर आ रही थी !
युवराज की जय हो !       
       इतने दिन  कहाँ रहे , क्या रहस्य बना कर रखा गया था ! \” विपशना  \” ? सचमुच  ?
     किसे  मूर्ख बना रही है कांग्रेस ? देश की भोली जनता भूल चुकी है , और  भूल जाएगी ! उन्हें बार – बार सिर्फ़ यह सच याद रहेगा कि \”  विपशना \” के बाद नए अवतार मे युवराज  पधारे हैं ! राज्य उनकी प्रतीक्षा साँस रोके कर रहा था ! साँसों के तार टूट जाते , उससे पहले युवराज  अवतरित हुए !
    युवराज की जय हो ! 
      युवराज के लिए सभा का आयोजन हुआ ! दरबार सजा ! सारे दरबारी पंक्तिबध खड़े थे , युवराज कहने को नमस्कार कर रहे थे , परन्तु अदा आशीर्वाद की थी ! दरबारियों और मंत्रियों को प्रजा को  एकत्रित करने का  आदेश हुए ! भाड़े की भीड़ को  साफ़ – सुधरी पगड़ियाँ पहना दी गई ! \” किसान  \” जो लगाना था ! सिर्फ पगड़ियाँ पहनाने से जनता \” किसान \” नहीं हो जाती ! गिनती   करके \” किसान \” लाने को कहे गए थे ! कुछ \” किसानियाँ \” भी थी जिन्हें युवराज या उनकी वापसी या दरबार या उनके उदबोधन मे कोई रस आ रहा था ! उन्हें दिल्ली घूमना थी , मेला तमाशा देखना था सो उन्होंने सरकना ही ठीक समझा ! परन्तु युवराज और उनके संत्री , मंत्री भूल गए की सबसे  बड़ा किसान तो  उनके परिवार का ही  एक सदस्य है.
      राबर्ट वाड्रा , जिसके  पास भूमि अधिग्रहण का एक अलग ही तरीका है ! हाँ।, कांग्रेस तो सिर्फ गरीब किसानों की सरकार  है ! मसीहा है युवराज !
करोडों – करोडों की संपत्ति हड़प जाने वाले उद्योगपति नहीं कांग्रेस की सरकार के मंत्री थे ! उद्योगपति मंत्री बन गए और मंत्री उद्योगपति ! क्या कुछ नहीं   इनके  पास , कोयला खदान , इस्पात की फैक्ट्रियाँ , रेत का खनन , टेलीकॉम की कम्पनियाँ , Airlines , Real Estate ,  आप नाम लीजिए , उन सब कमाई के स्त्रोतों पर  इनका  कब्जा था ! हड़पना सिर्फ इनकी बपौती था ! लंदन , सिंगापुर , हॉंगकॉंग , स्विजरलैंड , दक्षिण अफ्रीका , बोटस्वाना इत्यादि !
देशों में इनका साम्राज्य फैला हुआ है ! इटली तो आबाद ही इनके कारण हो गया ! अमेरिका मे  पैसा बैंकों की शोभा बढ़ा रहा  है ! यह किसान है ? किसान की तकलीफों से इनके पॉँच सितारा नेता बदस्तूर हैं ? किसान इनके लिए वोट हैं , रोटी हैं , बोटी हैं , युवराज की वापसी है , तरीका है , किसान  सिर्फ भुनाने की चीज है !
    हज़ारों करोड़ रूपये के scam वाली सरकार , किसान की हिमायती हो गयी ? यकायक !
    युवराज ने एक भाषण  दिया रैली मे फिर अगले ही दिन संसद में ! \” विपशना  \” का असर दिखाई दे रहा  था ! युवराज कह रहे थे , \” गेँहू पड़ा सड़ रहा है ,  जाकर गाँव मे प्रधान मंत्री देखें तो सही \” परन्तु युवराज आपने कहाँ  देखा ? आप तो गाँव मे क्या देश मे ही नहीं थे ? कौन से थाईलैण्ड की चोपाल से आपको दर्द कैसे जाग गया ! किस \” लीलावती  \” की झोपडी मे जाकर आपने सड़ता गेंहू देख लिया था ? मीडिया  भी बाँवला हो चला है !  वे भी  बेचारे क्या करें ? कुछ तो मसाला मिला ! चैनल चलाने के लाले पड़ रहे  थे ! सरकार  के अच्छे काम के बारे में बोलेंगें तो  दूरदर्शन बन जाएंगे  ? सन – सनी कहाँ से  आएगी ? यमन से सारे देशों के प्रवासियों को भारत सकुशल लाने से जादा जरूरी  V.P. singh  का बयान था ! वापस  लाने मे क्या सन – सनी  थी ? पीठ थपथपाना मीडिया का काम  नहीं है ! सिर्फ बुराई बताना मीडिया का  काम है ! भूमि अधिग्रहण बिल पर सरकार का साथ देंगे तो राहुल News नहीं बन पाएंगे !
राहुल item हैं sizziling news item फिलहाल IPL से भी बड़ी news item .
      मजेदार बात तो यह थी कि राहुल संसद में बोल रहे थे , और  उनके बाएँ – दाएँ बैठने वाले उनके  सांसद मित्र जोर-जोर से मेजें थपथपा रहे थे , उनके चेहरे  पर मुस्कान थी , आँखों मे चमक थी , उत्साह था , वे फुले नहीं समा रहे थे ! बेचारे ! खुश  होने का मौका तलाशते – तलाशते , थोड़ी राहत मिली होगी ! युवराज बोले ! लम्बा  बोले ! मुस्कुरा – मुस्कुरा कर बोले !  यह  किसी आश्च्रर्य से कम न था ! बच्चों को लॉलीपॉप मिलने की ख़ुशी का जो नजारा होता है , आज वो संसद  मे था ! युवराज की वापसी हुई लौट कर घर को आए .
      युवराज की  जय हो ! 
      बचपन मे एक खिलौना  होता था जो बैटरी  On  करने से जोर – जोर से ढफली बजाता था ! फिर थोड़ी देर मे बैटरी खतम हो जाती थी , तब उसकी  आवाज धीमी पड़ जाती है ! मजेदार बात यह है कि खिलोने का रिमोट भी किसी और के हाथ मे आ गया  है ! कभी बटन गलत दब  गया तो ? खैर  अभी तो युवराज का स्वागत है ! ढोल- मंजीरे बजाने का समय है ! मंगल गान गाने का समय है , दरबारी ,प्रजा , संत्री मंत्री के अच्छे दिन आए हैं , ऐसा लगता है !
      युवराज की  जय हो !

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